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पांच बड़ी ख़बरें: '50 साल तक भाजपा को कोई हरा नहीं सकता'

भारतीय जनता पार्टी के अध्यक्ष अमित शाह ने रविवार को भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में कहा कि 2019 में लोकसभा चुनाव तो वह जीतेंगे ही और उसके बाद 50 सालों तक कोई उन्हें हरा नहीं पाएगा. भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के आखिरी दिन रविवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के संबोधन के बारे में केंद्रीय क़ानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने मीडिया को जानकारी दी.
रविशंकर प्रसाद ने कहा कि 'यह कोई अहंकार नहीं है, यह बात प्रदर्शन के आधार पर कही जा रही है.'
कार्यकारिणी में अमित शाह ने 2019 का चुनाव जीतने के लिए नौ करोड़ कार्यकर्ताओं से कहा कि वे 22 करोड़ परिवारों के घरों में जाएं और सरकार के साढ़े चार साल के कार्यों को प्रमुखता से रखें.
अगले महीने 2 अक्तूबर को रिटायर हो रहे सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा ने इच्छामृत्यु पर अहम टिप्पणी की है.
चीफ़ जस्टिस का कहना है कि क़ानूनी तौर पर कोई भी व्यक्ति आत्महत्या नहीं कर सकता, लेकिन किसी को भी सम्मान के साथ मरने का अधिकार है.
शनिवार को पुणे में 'संवैधानिक अधिकारों के संतुलन' विषय पर आयोजित कार्यक्रम में ची…

करोड़ का लंचबॉक्स और चाय का प्याला चोरी

हैदराबाद पुलिस के पास एक अनोखा केस आया है, जिसके लिए उसे इतिहास में झांकना पड़ेगा.
केस है सोने के लंच बॉक्स की चोरी का. ये डिब्बा सिर्फ़ सोना से ही नहीं बना है, बल्कि इसमें नायाब हीरे-मोती भी जड़े हुए हैं.
इस लंचबॉक्स के अलावा हैदराबाद के अंतिम निज़ाम मीर उस्मान अली ख़ान का नीलम-जड़ा सोने का चाय का एक प्याला, तश्तरी और चम्मच भी चोरी हो गया है.
चोरी किए गए सामान का भार तीन किलोग्राम है और इसकी क़ीमत करीब 50 करोड़ रुपए बताई जा रही है.
पुलिस को चोरी का पता सोमवार सुबह लगा. शक है कि चोरी रविवार-सोमवार की दरम्यानी रात को हुई.
ये सारा सामान निज़ाम संग्रहालय से चोरी हुआ है. यही संग्रहालय पहले निज़ाम का महल हुआ करता था.
10 साल पहले शाही परिवार की एक तलवार भी शहर के एक अन्य संग्रहालय से चोरी हो गई थी.
ख़बरों के मुताबिक़ पुलिस ने स्थानीय पत्रकारों को बताया है कि चोरों ने म्यूज़ियम के सीसीटीवी कैमरों से छेड़छाड़ की थी ताकि उनकी चोरी की रिकॉर्डिंग न हो सके.
जिस कांच के दरवाज़े के उस पार ये सामान था, उस दीवार को तोड़ने के बजाय, बड़ी नफ़ासत के साथ खोला गया था ताकि कांच टूटने की आवाज़…

जन आशीर्वाद यात्रा में CM शिवराज की गाड़ी पर पथराव, दिखाए काले झंडे

मध्य प्रदेश के चुरहट में रविवार देर शाम मुख्यमंत्री की जन आशीर्वाद यात्रा के दौरान सीएम के रथ पर अज्ञात लोगों ने पत्थर फेंक दिया. हालांकि पत्थर फेंकने की घटना में किसी को भी चोट तो नहीं लगी, लेकिन सीएम के रथ के शीशे जरूर चटक गए. पत्थर किसने फेंका इसकी पुष्टि नहीं हुई लेकिन घटना के बाद बीजेपी ने इसके लिए कांग्रेस को ज़िम्मेदार ठहराया है.
बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह ने कांग्रेस पर आरोप लगाते हए ट्वीट किया और लिखा, 'चुरहट विधानसभा क्षेत्र में शिवराज सिंह चौहान की जन आशीर्वाद यात्रा के रथ पर किया गया पथराव कायराना हरकत है. सभ्य समाज में ऐसी हरकतों को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता. जनता इस कायरता का करारा जवाब कांग्रेस को देगी'.
वहीं मध्यप्रदेश बीजेपी के मीडिया प्रभारी लोकेंद्र पराशर ने ट्वीट करते हुए कहा कि चुरहट में जन आशीर्वाद यात्रा को मिले अपार जनसमर्थन से लोग कायरों की तरह पथराव पर उतर आए. पूरे प्रदेश की जनता और ईश्वर मुख्यमंत्री के साथ हैं. कायराना हरकत करने वालों, जनता तुम्हारी कायरता का करारा जवाब देगी.काले झंडे भी दिखाए गए
सीधी जिले के मायापुर में जब शिव…

लुढ़कते रुपए को क्यों नहीं संभाल पा रहे हैं पीएम मोदी

डॉलर की तुलना में रुपया अब तक के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गया है. शुक्रवार को भारतीय शेयर बाज़ार रुपए में 26 पैसे की गिरावट के साथ खुले और एक डॉलर की क़ीमत 71 रुपए हो गई. भारतीय मुद्रा रुपए की 2018 में उभरते बाज़ार की मुद्राओं सबसे बुरी हालत दिख रही है. यहां तक की एशिया-प्रशांत में भी इसकी हालत पतली हो गई है.
आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि रुपए का कमज़ोर होना भारत के व्यापारिक घाटे का भी परिचायक है. कहा जा रहा है कि आने वाले दिनों में रुपए पर दबाव बना रहेगा. भारतीय कंपनियों के बढ़ते विदेशी खर्चों को भी रुपए में गिरावट का एक कारण माना जा रहा है.
अमरीका में ब्याज दरों में बढ़ोतरी से लगभग सभी बड़े बाज़ार पूंजी निकाले जाने की चुनौती से जूझ रहे हैं. जिन देशों का चालू खाता घाटा ज़्यादा है वो सबसे ज़्यादा बेहाल हैं.
विश्लेषकों का कहना है कि अभी दुनिया भर ऐसे कई उदाहरण हैं जो चालू खाते में घाटा के कारण अपनी मुद्रा में गिरावट से जूझ रहे हैं.
चालू खाता घाटा व्यापार संतुलन पर निर्भर करता है. व्यापार संतुलन का मतलब किसी भी देश के आयात और निर्यात में संतुलन से मतलब है.
तेल की क़ीम…

प्रेस रिव्यू: जियो इंस्टीट्यूट पर भिड़े केंद्र सरकार के दो मंत्रालय

केंद्र सरकार के मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने कुछ समय पहले रिलायंस ग्रुप के जियो इंस्टीट्यूट को इंस्टीट्यूट ऑफ़ इमिनेंस का दर्जा दिए जाने के बाद विवाद का सामना किया था. अब इस मामले में एक नया मोड़ आया है. अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस ने इस मामले पर लिखा है कि केंद्र सरकार के दो मंत्रालय जियो इंस्टीट्यूट को विशेष दर्जा दिए जाने के मुद्दे पर आमने-सामने आ गए थे.
इंडियन एक्सप्रेस ने आरटीआई की मदद से ये जानकारी हासिल की है जिसमें वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग ने कहा है कि ये तरीका इस तरह के संस्थानों को स्थापना से पहले ही अपनी ब्रांड वैल्यू सुधारने का मौका दे देगा और उन्हें पहले से मौजूद सरकारी और निजी संस्थानों से ऊपर की जगह मिल जाएगी.
व्यय विभाग ने ये भी कहा है कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता के लिए ये सही नहीं है कि किसी संस्था को सिर्फ़ इस आधार पर ये दर्जा दे दिया जाए कि उसे बनाने वाले का इरादा नेक है.
हालांकि, इससे पहले ऐसे संस्थानों को विशेष दर्जा दिए जाने के मुद्दे पर मानव संसाधन विकास मंत्रालय में ही विरोध के स्वर सामने आए थे.
27 जुलाई 2016 को उच्च शिक्षा विभाग ने पा…

नज़रिया: 'दंगों पर नरेंद्र मोदी के ही रास्ते पर हैं राहुल गांधी'

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने जर्मनी और इंग्लैंड के अपने दौरे में कुछ महत्वपूर्ण व्याख्यान दिए. कई मौकों पर प्रश्नोत्तर सत्र में भी वह चमके. स्वदेश के न्यूज़ चैनलों ने सरकार को खुश करते हुए भले ही उनकी आलोचना की या उनकी कथित नासमझी के लिए उनका मज़ाक उड़ाया पर अंतरराष्ट्रीय मीडिया और कूटनीतिक हलकों में उनकी बातों में वैचारिकता और ताज़गी देखी गई. लेकिन शुक्रवार की रात लंदन में वहां के सांसदों और अन्य गणमान्य लोगों की एक संगोष्ठी में उन्होंने जिस तरह सन् 1984 के सिख विरोधी दंगे या कत्लेआम पर टिप्पणी की, उससे उन पर गंभीर सवाल भी उठे हैं.
राहुल ने माना कि सन् 1984 एक भीषण त्रासदी थी. अनेक निर्दोष लोगों की जानें गईं. इसके बावजूद उन्होंने अपनी पार्टी का जमकर बचाव किया.
आख़िर राहुल की इस बात पर कौन यक़ीन करेगा कि सन् 84 के दंगे में कांग्रेस या उसके स्थानीय नेताओं की कोई संलिप्तता नहीं थी.
ये तो कुछ वैसा ही है जैसे कोई भाजपाई कहे कि गुजरात के दंगे में भाजपाइयों का कोई हाथ ही नहीं था. ऐसे दावों और दलीलों को लोग गंभीरता से नहीं लेते. आख़िर ये दंगे क्या हवा, पानी, पेड़-पौधे या …

अटल बिहारी वाजपेयीः तस्वीरों में सफ़र

भारत के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन हो गया है. लंबे समय से बीमार चल रहे 93 वर्षीय वाजपेयी जून महीने से ही नई दिल्ली के अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) में भर्ती थे.
एम्स ने एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री वाजपेयी ने गुरुवार की शाम पाँच बजकर पाँच मिनट पर अंतिम सांस ली.
उन्हें इसी वर्ष जून में किडनी में संक्रमण और कुछ अन्य स्वास्थ्य समस्याओं की वजह से एम्स में भर्ती कराया गया था.
उनका शव शुक्रवार को नई दिल्ली में भारतीय जनता पार्टी के हेडक्वार्टर में श्रद्धांजलि के लिए रखा जाएगा. उनकी अंतिम क्रिया विजयघाट पर शुक्रवार को शाम 5 बजे की जाएगी.
भारत रत्न से सम्मानित वाजपेयी तीन बार भारत के प्रधानमंत्री रहे, पहली बार 1996 में 13 दिनों के लिए फिर 1998 से 1999 और आखिरी बार 1999 से 2004 तक.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा है कि वाजपेयी के निधन से एक युग का अंत हो गया है.
देश के प्रधानमंत्री के साथ ही अटल बिहारी वाजपेयी एक सर्वप्रिय कवि, वक्ता और समावेशी राजनीति के पर्याय थे.
कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने ट्वीट किया, "भारत ने आज एक मह…